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Ab baat nahi karenge shayari barfa

Wo kahte hai ab baar nahi kareng shayari 


वो कहते है की अब कुछ बात नही करेंगे।

रहना तुम सलामत, अब तुम्हे याद नही करेंगे। 

जानती हु , मुस्कील है ऐसे दूर रहना ।

खुश रहना, अब तुम्हे परेशान नहीं करेंगे। 

Barfa


Uska ishq shayari 


कैसे रोती थी वो कैसे हक जताती थी,

कैसे कंधे पर सिर रखकर, मुझे अपना तकिया बनाती थी।

रोज ये सोच सोच कर अपना वक्त बरबाद नहीं करोगे 

जानती हूं इश्क है तुम्हे मुझसे भी ज्यादा,

इस एक लड़की के खातिर इश्क को बदनाम नही करोगे।


Barfa 


Ishq dubara nahi hota shayari 


खयाल जो भी हो तुम्हारा मुझको लेके,

अब वो रिश्ता नही रहा तुझको लेके

जैसे जताया था तूने इश्क को मुझे, 

अब दुबारा नहीं होता ये इश्क तुझको लेके।

Barfa 


Tum aaoge kisi mod se shayari 


सिकन पड़ी है रिश्ते में कुछ दौर से 

सोचती हु, तुम आओगे किसी मोड़ से।

लिखना भी छोड़ा था एक तुम्हारे लिए ,

कही लिख न दू तुझे बेवफा अपनी और से।


Barfa 


Ishq me kab tak barbad karoge shayari 


व्हाट्स एप की वो सारे चैट्स पढ़ पढ़ कर रोवोगे,

कैसा था में पागल , खुद को बता बता कर कोशोगे। 


शायद फिर भी दिल राजी न हो तुम्हारा ,

खुद को सता सता कर naraz करोगे ।

आखिर इस पहल लड़की के पीछे कब तक खुद को बरबाद करोगे।

Barfa


Ek sawal har waqt rahega shayari 


क्यों छोड़ के गई, ये सवाल हर वक्त रहेगा। 

काश लोट आए, ये दिल हर वक्त रहेगा।

अगर मोका मिला होता, तुझे मनाने का एक और 

काश ऐसा होता, ये खयाल हर वक्त रहेगा। 

Barfa



Ye tera shahar samjh nahi aata shayari


बहुत सोचते है , और 

कुछ कदम चला नही जाता ,

एक ही जिंदगी है पर

कुछ लोगो का समझ नही आता,

जिन्हे दिन दिखाए ख्वाब के और रात भी छीन ली,

कुछ दिन हुए इस शहर को 

यार तेरा ये शहर समझ नही आता । 

बरफा 


Barfa ki shayari in Hindi


खता हु उसको अपनी नजरो से, बिखरा सा है कोई। 

कहनी है उसको हजार बाते, फिर भी छुपाता है कोई 

मालूम सब है उसको, फिर भी खुद को तड़पा रही है वो 

खुद को झूठी उम्मीद से बहला रही है वो 

Barfa



Barfa shayari hindi 


उसको जब भी देखा। 

अपने कदमों पर देखा। 

हस्ते तो कभी रोते देखा।  

सामिल उसको हर रिश्ते में देखा ।

कभी भाई तो कभी बहन देखा। 

कुछ नही तो अपने साथ खड़े देखा।  




उसको अपनी पहली तस्वीर देखा।

खुली आंख और सामने देखा ।

सुबह की पहली चाय जैसे देखा।  

देखा उसको जैसे वही है 

जिसको ढूंढा शायद वही है ।

तुम.....!!


बरफा


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